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पूर्ण लॉकडाउन के बाबजूद कोटा से पटना पहुंच गई विद्यार्थियों से भरी बस !!!!




लॉकडाउन में प्रशासन की बड़ी चूक का मामला सामने आया है। राजस्थान के कोटा से एक हजार किमी दूर  एक बस पटना पहुंच गई है। बच्चों से भरी इस बस में कौन कौन लोग सवार थे और वह कहां गए इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। पुलिस से सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के होश उड़े हैं। मंगलवार देर रात तक 24 घंटे बाद भी छात्रों की कोई जानकारी स्वास्थ्य विभाग के हाथ नहीं लग सकी थी। पटना पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटा है लेकिन छात्रों से संबंधित कोई डाटा अधिकारियों को नहीं मिल सका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन से संबंधित छात्रों की सूची मिलने के बाद उन्हें कोरेंटाइन कराने के साथ जांच की तैयारी की जाएगी।

छात्रों को लेकर कोटा से पटना एक बस आ गई है। लॉक डाउन में बस का आना आश्चर्य है। प्रशासन से सूचना मिलने के बाद सूची का इंतजार है। सूची मिलने के बाद छात्रों को क्वारंटाइन कराकर उनकी स्क्रीनिंग व जांच कराई जाएगी।
- डॉ राज किशोर चौधरी, सिविल सर्जन

पटना में पुलिस की चौकसी अब सवालों के घेरे में 

पूरे देश में संपूर्ण लॉक डाउन है। प्रदेश में ही आना जाना संभव नहीं हो पा रहा है। शहर में ही निकलने पर पुलिस की लाठियां बरस रही हैं। ऐसे में पटना पुलिस की चौकसी का अंदाजा लगाया जा सकता है। सोमवार को छात्रों से भरी बस पटना कैसे पहुंच गई ये बड़ा सवाल है। पुलिस की चौकसी के बाद भी ऐसा होना बड़ा मामला है। ऐसे में संक्रमण को रोक पाना बड़ी चुनौती होगी। पटना से कोटा की दूरी एक हजार किलो मीटर से अधिक है। लॉक डाउन में किसी भी प्रदेश से आना जाना मुश्किल है। पूर्व में दिल्ली से आए मजदूरों को लेकर भी सरकार ने संक्रमण के खतरे से बड़ी सावधानी बरती थी। दिल्ली से आने वालों को प्रदेश के बॉर्डर पर रोकने के साथ गांव के पास कोरेंटाइन सेंटर में रोका गया था। लेकिन कोटा से आए छात्रों के बारे में तो किसी को जानकारी ही नहीं हो पाई थी। सवाल यह है कि पुलिस और प्रशासनिक अफसर क्या कर रहे थे। क्यों नहीं बस को प्रदेश के बॉर्डर पर रोका गया। अगर कोई अनुमति थी तो क्यों नहीं पटना प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई थी। हालांकि लॉक डाउन में ऐसे मामलों में पर पूरी तरह से रोक के बाद भी ऐसा हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह प्रशासन से ऐसे छात्रों की सूची मांग रहा है, जो कोटा से आए हैं। सूची नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मुश्किल बढ़ गई हैं। जब तक सूची नहीं मिल जाती है वह कुछ नहीं कर सकते हैं। इस पूरे मामले में अभी तक स्वास्थ्य विभाग को प्रशासन की तरफ से छात्रों से भरी बस पटना आने की सूचना दी गई है। इसके अलावा अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है कि मामला किस क्षेत्र का है। अगर क्षेत्र की जानकारी होती तो स्वास्थ्य विभाग टीम लगाकर क्षेत्र को सैनिटाइज कराने का काम शुरू कर दिया होता।

पटना में संक्रमण का खतरा बढ़ा 

राजस्थान में कोरोना के एक हजार से भी अधिक मामले हैं। कोटा में लगभग 50 मामले हैं। संक्रमण के इस जाल से कोटा पटना का सफर खतरे की घंटी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस समय किसी भी प्रांत से लोगों का आना एक तरफ लॉक डाउन का उलंघन है तो दूसरी तरफ संक्रमण को लेकर बड़ी चुनौती। पटना में इस मामले को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है और तलाश की जा रही है। सूत्रों की मानें तो यह भी पता लगाया जा रहा है कि कोटा से पटना बस कैसे आ गई। बस में एक साथ सभी बच्चे आए हैं और एक भी बच्चा संक्रमित निकला तो बड़ी समस्या हो सकती है।

 




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