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सैकड़ों लोगों की जांच के बाद भी पटना के हॉट स्पाट का कोरोना कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है स्वास्थ्य विभाग को !!




शहर के हॉट स्पाट बने खाजपुरा इलाके का कोरोना कनेक्शन सामने नहीं आ सका है। वायरस कहां से आया और कैसे फैल गया, यह आज भी पहेली है। खाजपुरा, जगदेव पथ से लेकर राजीवनगर, डाक बंगला तक जांच की कड़ी जोड़ी जा रही है, पर वायरस की इस अनसुलझी कहानी में पूरा स्वास्थ्य महकमा उलझ गया है।

ऐसे सामने आया था पहला मामला 

खाजपुरा की एक महिला की तबियत खराब होने पर एम्स ले जाया गया, जहां जांच के दौरान उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। आनन-फानन में उसके पति और ससुर के साथ परिवार के अन्य सदस्यों की जांच कराई गई, लेकिन परिवार का कोई सदस्य पॉजिटिव नहीं पाया गया। मामला ऐसा पेंचीदा हो गया कि तीन से चार बार इस मामले में जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट को लेकर असहमति बनी रही। इस बीच महिला के पड़ोस में रहने वाले और उसके पति के साथ एटीएम में पैसा डालने वाली एजेंसी में काम करने वाले की रिपोर्ट पॉजिटवि आ गई। फिर तो पूरे खाजपुरा मोहल्ले को सील कर दिया गया। एक के बाद एक कोरोना पॉजिटव ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी। इसी बीच बैंक ऑफ बड़ौदा मेन ब्रांच के कैरेंसी चेस्ट के मैनेजर में कोरोना की पुष्टि हो गई। 

20 लोगों में कोरोना की पुष्टि 

खाजपुरा में महिला की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद 168 लोगों की जांच रविवार तक कराई गई है। इसमें 20 लोगों में कोरोना की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद भी जांच की प्रक्रिया जारी है, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि संक्रमण आया कहां से है। अब खाजपुरा से संक्रमण एयरपोर्ट और बैंक तक पहुंच गया है। पटना एयरपोर्ट पर काम करने वाला एक सफाई कर्मचारी खाजपुरा का रहने वाला है और उसके संपर्क में आए लोग भी संक्रमित हो गए हैं। अब तक एयरपोर्ट के कुल पांच लोगों में संक्रमण पाया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग लगा रहा है अनुमान 

आशंका एटीएम कंपनी में पैसा डालने वाली एजेंसी के मैनेजर से संक्रमण फैलने की है। हालांकि उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई, अब संक्रमण की कड़ी तोड़ने पर काम किया जा रहा है।   - डॉ राज किशोर चौधरी, सिविल सर्जन  

स्वास्थ्य विभाग अनुमान लगा रहा है कि संक्रमण एटीएम में पैसा डालने वाली कंपनी से फैला है। कंपनी का मैनेजर एक माह पूर्व मुम्बई से आया है। आशंका है कि वह संक्रमित था, लेकिन सवाल यहां आकर फंस जाता है कि मैनेजर की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब स्वास्थ्य विभाग का यह तर्क है कि मैनेजर के संक्रमण का दिवस पूरा हो गया है। ऐसे अनुमान पर ही संक्रमण के फैलाने वाली कड़ी के रूप में एटीएम में पैसा डालने वाले मैनेजर को ही माना जा रहा है।

न सील और ना ही सैनिटाइज हुआ कार्यालय

एटीएम में पैसा डालने वाली एजेंसी के मैनेजरके संपर्क में कंपनी के सौ से अधिक कर्मचारी हैं। इसके बाद भी न तो कार्यालय को पूरी तरह से सैनिटाइज कराया गया है और न ही एजेंसी को ही सील किया गया है, जबकि इसी मामले में खाजपुरा और गांधी मैदान के साथ जगदेव पथ सील हैं। ऐसे में एजेंसी से संक्रमण फैलने की आशंका और तेज हो जाती है। इसी मामले में इधर, खाजपुरा को कैंटोनमेंट एरिया घोषित कर दिया गया है। यहां पूरी तरह से सुरक्षा का अलर्ट है। आदेश दे दिया है कि कोई भी व्यक्ति बिना कारण के बाहर निकलता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। ऐसे ही अन्य आदेश दिया गया है कि सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से अलर्ट हो। ड्रोन से निगरानी की जाए और किसी भी व्यक्ति को जगदेव पथ पर नहीं आने जाने दिया जाए।        

 




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