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पटना में सामुदायिक संक्रमण की स्टेज में पहुँचने वाला है कोरोना, कंटेनमेंट जोन की संख्या पहुंची 83




राजधानी पटना में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के कारण कंटेनमेंट जोन भी बढ़ते जा रहे हैं। पटना जिले में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 83 पहुंच गई है। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में 44 हजार 442 लोग रह रहे हैं। जिले में पहले 67 कंटेनमेंट जोन थे जिसमें 16 का इजाफा हुआ है। 

जिला प्रशासन ने जहां भी कोरोना वायरस के मरीज मिले हैं उसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। वर्तमान समय में जो कंटेनमेंट जोन है उसमें पटना सिटी अनुमंडल क्षेत्र में 17, पटना सदर में 35 ,दानापुर में 17, मसौढ़ी में छह तथा पालीगंज में 8 जोन बनाए गए हैं । कंटेनमेंट जोन में अवस्थित घरों की कुल संख्या 9 हजार 850 तथा कंटेनमेंट जोन में वर्तमान समय 44 हजार 442 लोग रह रहे हैं। हर दिन सैकड़ों की संख्या में मरीजों का इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक बिहार में 276 लोग कोरोना पॉजिटव मिले हैं। इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12140 हो गई है।

कांग्रेस ने सरकार से टोटल लॉकडाउन लगाने की मांग 

कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने पटना सहित राज्य के अनेक भागों में कोरोना संक्रमण के फैलते रफ्तार को चिंताजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे राजधानी पटना सहित सभी कंटेनमेंट ज़ोन वाले इलाकों में पूर्ण लॉक डाउन लगाने पर तत्काल विचार करें।

उन्होंने कहा कि अनलॉक 1 और 2 में पटना की स्थिति बिगड़ती जा रही है जहां 83 कंटोनमेंट ज़ोन बनाना पड़ा है और प्रायः प्रतिदिन राज्य में औसतन संक्रमित मरीजों की संख्या में लगभग 400-500 की वृद्धि होना चिंता को बढ़ाने वाला है। सरकार को बिना विलंब किये फिर से पूर्ण लॉक डाउन लगाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि सरकार बताये की क्या संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के लिए अब भी वह तबलीगी जमात को या प्रवासियों श्रमिकों को जिम्मेदार ठहराना चाहती है क्या? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के द्वारा लॉक डाउन तथा अनलॉक 1 और अनलॉक 2 में दी गयी ढील से उत्पन्न स्थिति ने संक्रमण बढ़ाने का काम किया है तथा सरकार ने हाथ खड़े कर लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।




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