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कंगना को इलाज की जरूरत, पुरुस्कार की नहीं : स्वाति मालीवाल, अध्यक्ष , दिल्ली महिला आयोग




दिल्ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने कहा है की कंगना का व्‍यवहार पद्मश्री जैसे अवार्ड को पाने का हकदार नहीं है. इसलिए इस मामले में संज्ञान लेकर इस पुरस्‍कार को वापस लिया जाए. कंगना को इलाज की जरूरत है पुरस्‍कार की नही, दिल्‍ली महिला आयोग ने कंगना रानौत के बयान पर राष्‍ट्रपति को पत्र लिखा है. 
 
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत के 1947 में मिली आजादी को लेकर दिए गए बयान पर दिल्‍ली महिला आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है. आयोग ने राष्‍ट्रपति को पत्र लिखा है. जिसमें आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवान  ने कंगना का पद्मश्री वापस लेने की मांग की है. इसके साथ ही अभिनेत्री द्वारा किए गए स्‍वतंत्रता सैनानियों के अपमान को लेकर राष्‍ट्रद्रोह का केस दर्ज करने की अपील की है.   

आयोग की अध्‍यक्ष की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कंगना ने 1947 में मिली आजादी को भीख कहा है. जिससे न केवल महात्‍मा गांधी , भगतसिंह जैसे अनगिनत शहीदों का अपमान हुआ है बल्कि इसने लाखों देशवासियों की भावनाओं को भी आहत किया है. कंगना को हाल ही में देश के सर्वोच्‍च सम्‍मानों में से एक पद्मश्री से भी सम्‍मानित किया गया है. ऐसे में नफरत  फैलाने वाली इस अभिनेत्री से न केवल यह सम्‍मान वापस लिया जाए, बल्कि उसके खिलाफ राष्‍ट्रद्रोह की धाराओं में मामला भी दर्ज किया जाए  

देश को आजादी दिलाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ चंपारण सत्‍याग्रह, खिलाफत आंदोलन, 1857 की लड़ाई, भारत छोड़ो आंदोलन  सविनय अवज्ञा आंदोलन और दांडी मार्च जैसे कितने ही आंदोलन चलाए गए. कितने ही जांबाजों ने आजादी लाने के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी. जलियावाला बाग हत्‍याकांड जैसे नरसंहार कौन भूल सकता है लेकिन इतिहास के ये अहम पन्‍ने कंगना रानौत को भीख नजर आ रहे हैं 

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौत  के 1947 में मिली आजादी को लेकर दिए गए बयान पर दिल्‍ली महिला आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है. आयोग ने राष्‍ट्रपति को पत्र लिखा है. जिसमें आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल  ने कंगना का पद्मश्र वापस लेने की मांग की है. इसके साथ ही अभिनेत्री द्वारा किए गए स्‍वतंत्रता सैनानियों के अपमान को लेकर राष्‍ट्रद्रोह का केस दर्ज करने की अपील की है.

आयोग की अध्‍यक्ष की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कंगना ने 1947 में मिली आजादी को भीख कहा है. जिससे न केवल महात्‍मा गांधी , भगत सिंह  जैसे अनगिनत शहीदों का अपमान हुआ है बल्कि इसने लाखों देशवासियों की भावनाओं को भी आहत किया है. कंगना को हाल ही में देश के सर्वोच्‍च सम्‍मानों में से एक पद्मश्री से भी सम्‍मानित किया गया है. ऐसे में नफरत फैलाने वाली इस अभिनेत्री से न केवल यह सम्‍मान वापस लिया जाए, बल्कि उसके खिलाफ राष्‍ट्रद्रोह की धाराओं में मामला भी दर्ज किया जाए.

देश को आजादी दिलाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ चंपारण सत्‍याग्रह, खिलाफत आंदोलन, 1857 की लड़ाई, भारत छोड़ो आंदोलन  सविनय अवज्ञा आंदोलन और दांडी मार्च जैसे कितने ही आंदोलन चलाए गए. कितने ही जांबाजों ने आजादी लाने के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी. जलियावाला बाग हत्‍याकांड जैसे नरसंहार कौन भूल सकता है लेकिन इतिहास के ये अहम पन्‍ने कंगना रानौत को भीख नजर आ रहे हैं. ये देश के शहीदों का अपमान है।  इस लिए  उनसे पद्मश्री पुरुस्कार वापस लेने की अपील राष्टपति से की है.  
 




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