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कैसे होगी शराबबंदी जब शराब माफिया की पत्नी के मुखिया बनने पर JDU नेता मानते है जीत का जश्न !




बिहार में शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से सफल बनाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है. शराबबंदी के बावजूद बिहार में जहरीली शराब से एक के बाद एक लगातार मौतों का सिलसिला जारी है. विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष तक के लोग शराब बंदी कानून की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे हैं. खुद नीतीश कुमार की पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस वालों के माथे ठीकरा फोड़ दिया है. लेकिन बिहार में शराबबंदी का यह हाल क्यों है जनिये इसके पीछे की वजह।। 

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे है , छठे चरण के चुनाव परिणाम शनिवार को सामने आ चुके है . आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपी राकेश सिंह को शायद ही कोई भूला होगा. यह वही राकेश सिंह हैं जिनकी तस्वीर नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. राकेश सिंह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली थी. यह सेल्फी वायरल हुई तो खुद मुख्यमंत्री और सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. आनन-फानन में जनता दल यूनाइटेड ने राकेश सिंह को पार्टी से चलता कर दिया था. बाद में राकेश सिंह की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने निर्देश भी दिए थे. 

आरा में जहरीली शराबकांड के आरोपी राकेश सिंह को बड़ा शराब माफिया बताया जाता है. खबर यह भी है कि सजायाफ्ता राकेश सिंह जमानत पर जेल से बाहर है और अब राकेश सिंह की पत्नी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुई हैं. भोजपुर जिले के मसाढ़ पंचायत से राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने जीत हासिल की. शनिवार को प्रिया सिंह की जीत के बाद राकेश सिंह जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ नजर आए. 

राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह की जीत के बाद जश्न में आरा से सांसद रह चुकी जेडीयू की मीना सिंह के साथ साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए. इन सब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं. इस तस्वीर में राकेश सिंह और मुखिया पद के लिए जीत हासिल करने वाली उनकी पत्नी प्रिया सिंह फूलों की माला भी पहने हुए हैं.

जेडीयू नेताओं के साथ राकेश सिंह की यह तस्वीर बता रही है कि अब तक उसके रिश्ते सत्ताधारी दल से कितने करीबी बने हुए हैं. आरा जहरीली शराब कांड को लेकर भले ही राकेश सिंह के ऊपर कानून ने शिकंजा कस लिया हो, लेकिन इसके बावजूद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. 

जेडीयू के नेताओं को शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उच्च संकल्प की भी फिक्र नहीं है जो बिहार में शराबबंदी को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं. नीतीश की परवाह किए बगैर जेडीयू के नेता शराब माफिया के साथ फोटो सेशन करवाते नजर आए हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

आपको बता दें कि इस साल 2017 में राकेश सिंह की सेल्फी नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. 31 अक्टूबर को राकेश सिंह पार्टी से बाहर कर दिया गया था. राकेश सिंह भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड का अध्यक्ष था. साल 2012 में आरा में हुए जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत हुई थी और इस मामले में राकेश सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. 

बिहार में शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से सफल बनाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है. शराबबंदी के बावजूद बिहार में जहरीली शराब से एक के बाद एक लगातार मौतों का सिलसिला जारी है. विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष तक के लोग शराब बंदी कानून की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे हैं. खुद नीतीश कुमार की पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस वालों के माथे ठीकरा फोड़ दिया है. लेकिन बिहार में शराबबंदी का यह हाल क्यों है जनिये इसके पीछे की वजह।। 

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे है , छठे चरण के चुनाव परिणाम शनिवार को सामने आ चुके है . आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपी राकेश सिंह को शायद ही कोई भूला होगा. यह वही राकेश सिंह हैं जिनकी तस्वीर नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. राकेश सिंह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली थी. यह सेल्फी वायरल हुई तो खुद मुख्यमंत्री और सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. आनन-फानन में जनता दल यूनाइटेड ने राकेश सिंह को पार्टी से चलता कर दिया था. बाद में राकेश सिंह की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने निर्देश भी दिए थे. 

आरा में जहरीली शराबकांड के आरोपी राकेश सिंह को बड़ा शराब माफिया बताया जाता है. खबर यह भी है कि सजायाफ्ता राकेश सिंह जमानत पर जेल से बाहर है और अब राकेश सिंह की पत्नी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुई हैं. भोजपुर जिले के मसाढ़ पंचायत से राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने जीत हासिल की. शनिवार को प्रिया सिंह की जीत के बाद राकेश सिंह जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ नजर आए. 

राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह की जीत के बाद जश्न में आरा से सांसद रह चुकी जेडीयू की मीना सिंह के साथ साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए. इन सब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं. इस तस्वीर में राकेश सिंह और मुखिया पद के लिए जीत हासिल करने वाली उनकी पत्नी प्रिया सिंह फूलों की माला भी पहने हुए हैं.

जेडीयू नेताओं के साथ राकेश सिंह की यह तस्वीर बता रही है कि अब तक उसके रिश्ते सत्ताधारी दल से कितने करीबी बने हुए हैं. आरा जहरीली शराब कांड को लेकर भले ही राकेश सिंह के ऊपर कानून ने शिकंजा कस लिया हो, लेकिन इसके बावजूद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. 

जेडीयू के नेताओं को शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उच्च संकल्प की भी फिक्र नहीं है जो बिहार में शराबबंदी को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं. नीतीश की परवाह किए बगैर जेडीयू के नेता शराब माफिया के साथ फोटो सेशन करवाते नजर आए हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

आपको बता दें कि इस साल 2017 में राकेश सिंह की सेल्फी नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. 31 अक्टूबर को राकेश सिंह पार्टी से बाहर कर दिया गया था. राकेश सिंह भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड का अध्यक्ष था. साल 2012 में आरा में हुए जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत हुई थी और इस मामले में राकेश सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. 

बिहार में शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से सफल बनाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है. शराबबंदी के बावजूद बिहार में जहरीली शराब से एक के बाद एक लगातार मौतों का सिलसिला जारी है. विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष तक के लोग शराब बंदी कानून की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे हैं. खुद नीतीश कुमार की पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस वालों के माथे ठीकरा फोड़ दिया है. लेकिन बिहार में शराबबंदी का यह हाल क्यों है जनिये इसके पीछे की वजह।। 

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे है , छठे चरण के चुनाव परिणाम शनिवार को सामने आ चुके है . आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपी राकेश सिंह को शायद ही कोई भूला होगा. यह वही राकेश सिंह हैं जिनकी तस्वीर नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. राकेश सिंह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली थी. यह सेल्फी वायरल हुई तो खुद मुख्यमंत्री और सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. आनन-फानन में जनता दल यूनाइटेड ने राकेश सिंह को पार्टी से चलता कर दिया था. बाद में राकेश सिंह की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने निर्देश भी दिए थे. 

आरा में जहरीली शराबकांड के आरोपी राकेश सिंह को बड़ा शराब माफिया बताया जाता है. खबर यह भी है कि सजायाफ्ता राकेश सिंह जमानत पर जेल से बाहर है और अब राकेश सिंह की पत्नी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुई हैं. भोजपुर जिले के मसाढ़ पंचायत से राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने जीत हासिल की. शनिवार को प्रिया सिंह की जीत के बाद राकेश सिंह जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ नजर आए. 

राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह की जीत के बाद जश्न में आरा से सांसद रह चुकी जेडीयू की मीना सिंह के साथ साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए. इन सब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं. इस तस्वीर में राकेश सिंह और मुखिया पद के लिए जीत हासिल करने वाली उनकी पत्नी प्रिया सिंह फूलों की माला भी पहने हुए हैं.

जेडीयू नेताओं के साथ राकेश सिंह की यह तस्वीर बता रही है कि अब तक उसके रिश्ते सत्ताधारी दल से कितने करीबी बने हुए हैं. आरा जहरीली शराब कांड को लेकर भले ही राकेश सिंह के ऊपर कानून ने शिकंजा कस लिया हो, लेकिन इसके बावजूद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. 

जेडीयू के नेताओं को शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उच्च संकल्प की भी फिक्र नहीं है जो बिहार में शराबबंदी को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं. नीतीश की परवाह किए बगैर जेडीयू के नेता शराब माफिया के साथ फोटो सेशन करवाते नजर आए हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

आपको बता दें कि इस साल 2017 में राकेश सिंह की सेल्फी नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. 31 अक्टूबर को राकेश सिंह पार्टी से बाहर कर दिया गया था. राकेश सिंह भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड का अध्यक्ष था. साल 2012 में आरा में हुए जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत हुई थी और इस मामले में राकेश सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. 

बिहार में शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से सफल बनाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है. शराबबंदी के बावजूद बिहार में जहरीली शराब से एक के बाद एक लगातार मौतों का सिलसिला जारी है. विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष तक के लोग शराब बंदी कानून की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे हैं. खुद नीतीश कुमार की पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस वालों के माथे ठीकरा फोड़ दिया है. लेकिन बिहार में शराबबंदी का यह हाल क्यों है जनिये इसके पीछे की वजह।। 

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे है , छठे चरण के चुनाव परिणाम शनिवार को सामने आ चुके है . आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपी राकेश सिंह को शायद ही कोई भूला होगा. यह वही राकेश सिंह हैं जिनकी तस्वीर नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. राकेश सिंह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली थी. यह सेल्फी वायरल हुई तो खुद मुख्यमंत्री और सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. आनन-फानन में जनता दल यूनाइटेड ने राकेश सिंह को पार्टी से चलता कर दिया था. बाद में राकेश सिंह की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने निर्देश भी दिए थे. 

आरा में जहरीली शराबकांड के आरोपी राकेश सिंह को बड़ा शराब माफिया बताया जाता है. खबर यह भी है कि सजायाफ्ता राकेश सिंह जमानत पर जेल से बाहर है और अब राकेश सिंह की पत्नी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुई हैं. भोजपुर जिले के मसाढ़ पंचायत से राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने जीत हासिल की. शनिवार को प्रिया सिंह की जीत के बाद राकेश सिंह जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ नजर आए. 

राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह की जीत के बाद जश्न में आरा से सांसद रह चुकी जेडीयू की मीना सिंह के साथ साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए. इन सब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं. इस तस्वीर में राकेश सिंह और मुखिया पद के लिए जीत हासिल करने वाली उनकी पत्नी प्रिया सिंह फूलों की माला भी पहने हुए हैं.

जेडीयू नेताओं के साथ राकेश सिंह की यह तस्वीर बता रही है कि अब तक उसके रिश्ते सत्ताधारी दल से कितने करीबी बने हुए हैं. आरा जहरीली शराब कांड को लेकर भले ही राकेश सिंह के ऊपर कानून ने शिकंजा कस लिया हो, लेकिन इसके बावजूद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. 

जेडीयू के नेताओं को शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उच्च संकल्प की भी फिक्र नहीं है जो बिहार में शराबबंदी को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं. नीतीश की परवाह किए बगैर जेडीयू के नेता शराब माफिया के साथ फोटो सेशन करवाते नजर आए हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

आपको बता दें कि इस साल 2017 में राकेश सिंह की सेल्फी नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. 31 अक्टूबर को राकेश सिंह पार्टी से बाहर कर दिया गया था. राकेश सिंह भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड का अध्यक्ष था. साल 2012 में आरा में हुए जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत हुई थी और इस मामले में राकेश सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. 

बिहार में शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से सफल बनाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है. शराबबंदी के बावजूद बिहार में जहरीली शराब से एक के बाद एक लगातार मौतों का सिलसिला जारी है. विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष तक के लोग शराब बंदी कानून की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे हैं. खुद नीतीश कुमार की पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस वालों के माथे ठीकरा फोड़ दिया है. लेकिन बिहार में शराबबंदी का यह हाल क्यों है जनिये इसके पीछे की वजह।। 

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे है , छठे चरण के चुनाव परिणाम शनिवार को सामने आ चुके है . आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपी राकेश सिंह को शायद ही कोई भूला होगा. यह वही राकेश सिंह हैं जिनकी तस्वीर नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. राकेश सिंह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली थी. यह सेल्फी वायरल हुई तो खुद मुख्यमंत्री और सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. आनन-फानन में जनता दल यूनाइटेड ने राकेश सिंह को पार्टी से चलता कर दिया था. बाद में राकेश सिंह की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने निर्देश भी दिए थे. 

आरा में जहरीली शराबकांड के आरोपी राकेश सिंह को बड़ा शराब माफिया बताया जाता है. खबर यह भी है कि सजायाफ्ता राकेश सिंह जमानत पर जेल से बाहर है और अब राकेश सिंह की पत्नी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुई हैं. भोजपुर जिले के मसाढ़ पंचायत से राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने जीत हासिल की. शनिवार को प्रिया सिंह की जीत के बाद राकेश सिंह जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ नजर आए. 

राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह की जीत के बाद जश्न में आरा से सांसद रह चुकी जेडीयू की मीना सिंह के साथ साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए. इन सब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं. इस तस्वीर में राकेश सिंह और मुखिया पद के लिए जीत हासिल करने वाली उनकी पत्नी प्रिया सिंह फूलों की माला भी पहने हुए हैं.

जेडीयू नेताओं के साथ राकेश सिंह की यह तस्वीर बता रही है कि अब तक उसके रिश्ते सत्ताधारी दल से कितने करीबी बने हुए हैं. आरा जहरीली शराब कांड को लेकर भले ही राकेश सिंह के ऊपर कानून ने शिकंजा कस लिया हो, लेकिन इसके बावजूद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. 

जेडीयू के नेताओं को शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उच्च संकल्प की भी फिक्र नहीं है जो बिहार में शराबबंदी को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं. नीतीश की परवाह किए बगैर जेडीयू के नेता शराब माफिया के साथ फोटो सेशन करवाते नजर आए हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

आपको बता दें कि इस साल 2017 में राकेश सिंह की सेल्फी नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. 31 अक्टूबर को राकेश सिंह पार्टी से बाहर कर दिया गया था. राकेश सिंह भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड का अध्यक्ष था. साल 2012 में आरा में हुए जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत हुई थी और इस मामले में राकेश सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. 

बिहार में शराबबंदी कानून को पूर्ण रूप से सफल बनाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है. शराबबंदी के बावजूद बिहार में जहरीली शराब से एक के बाद एक लगातार मौतों का सिलसिला जारी है. विपक्ष से लेकर सत्तापक्ष तक के लोग शराब बंदी कानून की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहे हैं. खुद नीतीश कुमार की पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने शराबबंदी की मौजूदा स्थिति के लिए पुलिस वालों के माथे ठीकरा फोड़ दिया है. लेकिन बिहार में शराबबंदी का यह हाल क्यों है जनिये इसके पीछे की वजह।। 

बिहार में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे है , छठे चरण के चुनाव परिणाम शनिवार को सामने आ चुके है . आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपी राकेश सिंह को शायद ही कोई भूला होगा. यह वही राकेश सिंह हैं जिनकी तस्वीर नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. राकेश सिंह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली थी. यह सेल्फी वायरल हुई तो खुद मुख्यमंत्री और सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी. आनन-फानन में जनता दल यूनाइटेड ने राकेश सिंह को पार्टी से चलता कर दिया था. बाद में राकेश सिंह की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने निर्देश भी दिए थे. 

आरा में जहरीली शराबकांड के आरोपी राकेश सिंह को बड़ा शराब माफिया बताया जाता है. खबर यह भी है कि सजायाफ्ता राकेश सिंह जमानत पर जेल से बाहर है और अब राकेश सिंह की पत्नी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुई हैं. भोजपुर जिले के मसाढ़ पंचायत से राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने जीत हासिल की. शनिवार को प्रिया सिंह की जीत के बाद राकेश सिंह जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के साथ नजर आए. 

राकेश सिंह की पत्नी प्रिया सिंह की जीत के बाद जश्न में आरा से सांसद रह चुकी जेडीयू की मीना सिंह के साथ साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा और अन्य नेता शामिल हुए. इन सब की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं. इस तस्वीर में राकेश सिंह और मुखिया पद के लिए जीत हासिल करने वाली उनकी पत्नी प्रिया सिंह फूलों की माला भी पहने हुए हैं.

जेडीयू नेताओं के साथ राकेश सिंह की यह तस्वीर बता रही है कि अब तक उसके रिश्ते सत्ताधारी दल से कितने करीबी बने हुए हैं. आरा जहरीली शराब कांड को लेकर भले ही राकेश सिंह के ऊपर कानून ने शिकंजा कस लिया हो, लेकिन इसके बावजूद जनता दल यूनाइटेड के नेताओं को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. 

जेडीयू के नेताओं को शायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उच्च संकल्प की भी फिक्र नहीं है जो बिहार में शराबबंदी को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं. नीतीश की परवाह किए बगैर जेडीयू के नेता शराब माफिया के साथ फोटो सेशन करवाते नजर आए हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

आपको बता दें कि इस साल 2017 में राकेश सिंह की सेल्फी नीतीश कुमार के साथ वायरल हुई थी. 31 अक्टूबर को राकेश सिंह पार्टी से बाहर कर दिया गया था. राकेश सिंह भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड का अध्यक्ष था. साल 2012 में आरा में हुए जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत हुई थी और इस मामले में राकेश सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. 


 




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